एन. चंद्रबाबू नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री
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एन. चंद्रबाबू नायडू

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री

Table of Content

  • एन. चंद्रबाबू नायडू की जीवनी: प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, परिवार और राजनीतिक करियर
  • चंद्रबाबू नायडू का प्रारंभिक जीवन
  • नारा चंद्रबाबू नायडू की शिक्षा
  • चंद्रबाबू नायडू का परिवार
  • चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक करियर
  • चंद्रबाबू नायडू की राजनीतिक इतिहास/ टाइमलाइन
  • चंद्रबाबू नायडू की उपलब्धियां
  • चंद्रबाबू नायडू की नेट वर्थ
  • चंद्रबाबू नायडू के बारे में रोचक तथ्य
  • चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक विवाद
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एन. चंद्रबाबू नायडू की जीवनी: प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, परिवार और राजनीतिक करियर


नाम: नारा चंद्रबाबू नायडू

माता का नाम: अमानम्मा

पिता का नाम: नारा खारजुरा नायडू

शिक्षा: अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ साइंस, श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय

जन्मतिथि: 20 अप्रैल 1950

जन्मस्थान: नरवरिपल्ले, मद्रास राज्य, भारत (अब आंध्र प्रदेश, भारत में)

पेशा: राजनेता

राजनीतिक दल: तेलुगु देशम पार्टी (TDP)

पद: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री

पत्नी: नारा भुवनेश्वरी

संतान: नारा लोकेश (पुत्र)

जाति और धर्म: क्षत्रिय, हिंदू


चंद्रबाबू नायडू का प्रारंभिक जीवन


नारा चंद्रबाबू नायडू का जन्म 20 अप्रैल 1950 को आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के नरवरिपल्ले गांव में हुआ था। उनका पालन-पोषण एक साधारण कृषि परिवार में हुआ और गांव के कठिनाइयों और सरलता से भरे जीवन का गहरा प्रभाव उनके राजनीतिक और विकासवादी नीतियों पर पड़ा।


नारा चंद्रबाबू नायडू की शिक्षा


नायडू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेशापुरम में पांचवीं कक्षा तक प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने चंद्रगिरि सरकारी हाई स्कूल में अपनी माध्यमिक शिक्षा पूरी की, जहां उन्हें प्रतिदिन 11 किमी पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ता था।

1972 में उन्होंने श्री वेंकटेश्वर आर्ट्स कॉलेज, तिरुपति से बी.ए. की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में अपनी रुचि को आगे बढ़ाते हुए श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से मास्टर डिग्री प्राप्त की। हालांकि उन्होंने प्रोफेसर एन. जी. रंगा के आर्थिक सिद्धांतों पर प्रोफेसर डॉ. डी. एल. नारायण के मार्गदर्शन में पीएच.डी. करने का सपना देखा था, लेकिन इसे पूरा नहीं कर सके। इसके बावजूद, उन्होंने राजनीति में एक सफल करियर बनाया।


चंद्रबाबू नायडू का परिवार


चंद्रबाबू नायडू का विवाह नारा भुवनेश्वरी से हुआ, जो तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के संस्थापक और प्रसिद्ध तेलुगु अभिनेता एनटीआर (नंदामुरी तारक रामाराव) की बेटी हैं। इस विवाह ने नायडू को आंध्र प्रदेश के सबसे प्रभावशाली परिवारों में से एक के साथ जोड़ा और उनके राजनीतिक करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

उनके पुत्र, नारा लोकेश, ने अपने पिता के मार्ग पर चलते हुए राजनीति में प्रवेश किया है और टीडीपी और आंध्र प्रदेश सरकार में आईटी और ग्रामीण विकास जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है।


चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक करियर


नायडू ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सदस्य के रूप में की। 1978 में, 28 वर्ष की आयु में, उन्हें चंद्रगिरि निर्वाचन क्षेत्र से आंध्र प्रदेश विधानसभा के लिए चुना गया, और राज्य के सबसे युवा मंत्री बने।

1983 में नायडू का राजनीतिक जीवन महत्वपूर्ण मोड़ पर आया, जब उन्होंने टीडीपी (तेलुगु देशम पार्टी) का समर्थन करना शुरू किया, जिसे उनके ससुर एनटीआर ने स्थापित किया था। उनकी संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक कौशल ने उन्हें पार्टी में प्रमुख स्थान दिलाया। उन्होंने टीडीपी की स्थिति को आंध्र प्रदेश की राजनीति में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


चंद्रबाबू नायडू की राजनीतिक इतिहास/ टाइमलाइन


1973: चंद्रबाबू नायडू ने एन. जी. रंगा के आर्थिक विचारों पर अपनी पीएच.डी. की शोध को छोड़कर चित्तूर जिले के तिरुपति के पास चंद्रगिरि में छात्र राजनीति में प्रवेश किया।

1975: नायडू युवा कांग्रेस के अध्यक्ष संजय गांधी और नराला साईकिरण के निकट आ गए।

1978: कांग्रेस (I) के सदस्य के रूप में चंद्रगिरि निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा सदस्य बने।

1983: टीडीपी के उम्मीदवार वेंकटारामा नायडू मेदासानी से चुनाव हारने के बाद टीडीपी में शामिल हो गए।

1995: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

2014: आंध्र प्रदेश के विभाजन के बाद नवनिर्मित आंध्र प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने।

2024: टीडीपी-भाजपा-जेएसपी गठबंधन ने 21 लोकसभा सीटें जीतीं, और नायडू फिर से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।


चंद्रबाबू नायडू की उपलब्धियां


पुरस्कार: चंद्रबाबू नायडू को ‘आईटी इंडियन ऑफ द मिलेनियम’, ‘बिजनेस पर्सन ऑफ द ईयर’, ‘साउथ एशियन ऑफ द ईयर’, ‘गोल्डन पीकॉक अवार्ड’ और ‘वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ड्रीम कैबिनेट’ का सदस्य चुना गया।

वैश्विक स्थायी परिवर्तन मंच (GFST): नायडू ने मार्च 2020 में हैदराबाद में ‘वैश्विक स्थायी परिवर्तन मंच’ की स्थापना की, जो आर्थिक और सामाजिक स्थिरता के लिए कार्य करता है।

अंतर्राष्ट्रीय मान्यता: 2000 में, नायडू को केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा मानद प्रोफेसरशिप की पेशकश की गई थी।


चंद्रबाबू नायडू की नेट वर्थ


नायडू द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र के अनुसार, उनके पास कुल चल संपत्ति 4,80,438 रुपये है, जिसमें 11,560 रुपये नकद और विभिन्न बैंकों में जमा राशि शामिल है, साथ ही 1994 का एंबेसडर कार है जिसकी कीमत 2.25 लाख रुपये है।


चंद्रबाबू नायडू के बारे में रोचक तथ्य


राजनीतिक करियर की शुरुआत: 28 साल की उम्र में राज्य विधानसभा के सदस्य और सबसे युवा मंत्री बने।

आंध्र प्रदेश के लिए योगदान: हैदराबाद को आईटी हब में बदलने, विदेशी निवेश लाने और कृषि सुधारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आतंकी हमला: नायडू 2003 में नक्सलियों द्वारा किए गए लैंडमाइन हमले से बाल-बाल बच गए थे।


चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक विवाद


नायडू के राजनीतिक करियर में कई विवाद सामने आए। सबसे प्रमुख 1995 में उनके ससुर एनटीआर के खिलाफ किया गया राजनीतिक तख्तापलट था, जिसे कई लोगों ने धोखा माना। इसके अलावा, उन पर भ्रष्टाचार और शहरी विकास को ग्रामीण विकास पर प्राथमिकता देने के आरोप भी लगे।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल


नारा चंद्रबाबू नायडू की जन्मतिथि क्या है?

20 अप्रैल 1950।


क्या एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कोई आपराधिक मामला है?

हाँ, उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला है।


चंद्रबाबू नायडू की पत्नी कौन हैं?

नारा भुवनेश्वरी।


आंध्र प्रदेश के लिए चंद्रबाबू नायडू का मुख्य योगदान क्या है?

हैदराबाद को आईटी हब में बदलना, बुनियादी ढांचे का विकास और कृषि सुधार उनके मुख्य योगदान हैं।

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